Sunday, July 15, 2012

आखिर कब तक निकलवाते रहेंगे कॅाल डिटेल?


लखन सालवी
रायपुर के पास स्थित घाटी में बसे कालबेलिया परिवार की बेटी सविता (11 वर्ष) की हत्या हुए दो माह से अधिक समय बीत चुका है। जिस जगह पर सविता की लाश मिली, पुलिस की खोजी कुटीपी वहां से सूघंते-सूघंते कालबेलिया बस्ती में ही एक अन्य कालबेलिया परिवार के घर में गई, वहां उसने कपड़ों को मुंह में पकड़ा। कुटीपी की इस हरकत से सभी का शक उस परिवार के लोगों पर ही जा रहा है। जानकारी के अनुसार वो घर रायपुर पुलिस के एक कथित मुखबिर का है।
मृतका सविता का बचपन का फोटो
उल्लेखनीय है कि सूरमनाथ की बेटी सविता कालबेलिया (9 वर्ष) 21 अप्रेल को बकरिया चराने के लिए गई थी। उस दिन दोपहर का खाना खाने के लिए वह घर पर भी आई थी, खाना खाने के बाद वह वापस बकरियां चराने चली गई उसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। रात में परिवारजनों ने खूब तलाशा लेकिन वो नहीं मिली। दूसरे दिन सुबह सूरमनाथ अपनी छोटी बेटी कंचन कालबेलिया के साथ सविता को ढ़ूंढने के लिए गए। गांव के पास ही स्थित खंडहरों में एक कमरें में कंचन को सविता सोती हुई दिखाई दी, पास जाकर देखा तो सविता की पत्थरों से कुचली हुई लाश पड़ी थी। सविता की लाश को देखकर कंचन घबरा गई और उसने रोते चिल्लाते हुए अपने पिताजी को बुलाया। लाश देखकर वे दोनों जोर-जोर से रोने लगे। उनके रोने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग वहां जमा हो गए। वहां से सूरमनाथ अन्य लोगों के साथ रायपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए रवाना हो गया। रास्ते में पप्पूनाथ नाम के व्यक्ति ने थाने में फोन कर वारदात की सूचना दे दी। तुरन्त मौके पर पुलिस पहुंच गई।
घटनास्थल पर आए पुलिस उपाधीक्षक सत्यनारायण कनौजिया व रायपुर थानाधिकारी ने लोगों से पूछताछ कर जानकारी ली। इसी दिन पुलिस की डॅाग स्क्वायर्ड ‘‘कुटीपी’ को लाया गया और उसे घटनास्थल पर छोड़ा गया। कुटीपी घटनास्थल से पास ही स्थित कालबेलिया बस्ती के डेरों की तरफ गई वहां वो शंभूनाथ कालबेलिया के घर में गई। कुटीपी के डेरों की ओर जाने व एक घर में घूसकर कपड़ों को सूंघने से सभी को यह तो साफ-साफ समझ आ गया कि हत्या करने वाला घटनास्थल से उक्त घर में गया था।
उस दिन के बाद से आज तक पुलिस का एक ही जवाब है कि कॅाल डिटेल निकलवाई जा रही है। समझ नहीं आ रहा है पुलिस कितने लोगों की कॅाल डिटेल निकाल रही है? आरम्भ में शक के दायरे में आ रहे लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ करने की बजाए पुलिस ने मृतका के परिवार जनों को थाने में बुलाकर उन्हें डराया धमकाया। मृतका की बड़ी बहिन कंचन कालबेलिया (11 वर्ष) को थाने में प्रताडि़त किया गया। उसे कहा गया कि वो स्वीकार कर ले कि सविता की हत्या उसने व उसके पिता ने ही की है। कंचन ने उनकी बात नहीं मानी तो पुलिस ने जमकर अपना चरित्र दिखाया। उसे ड्रग्स दिया, पट्टों से उसकी पिटाई की, पैरों से रोंदा। उससे कहा कि तू और तेरी मां वेश्यावृति करती हो और पूछा कि तेरे बाप ने तेरे साथ कितनी बार संभोग किया ?
समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने इस मामले से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया और पुलिस थाना रायपुर के थानाधिकारी के खिलाफ शिकायत की। पुलिस अधीक्षक से जांच अधिकारी बदल दिया और जांच पुलिस उपाधीक्षक (वृत्त गंगापुर) को सौपीं। जांच अधिकारी बदले हुए करीबन डेढ़ माह हो चुका है, लेकिन पुलिस अभी तक मामले से पर्दा नहीं हटा पाई है। हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक ने तो बातचीत में यहां तक कह दिया कि कालबेलिया बस्ती की लड़कियां वैश्यावृत्ति में लिप्त है। कन्नौजिया मामले के सामने आने के बाद से एक ही बात दोहरा रहे है कि ‘‘डॅाग डिटेल निकलवाई जा रही है।’’ कालबेलिया समुदाय के लोग अचंभित है कि आखिर इतनी कितनी डॅाग डिटेल निकलवाई जा रही है। उनका आरोप है कि सत्यनारायण कन्नौजिया डॅाग डिटेल निकालने के नाम पर जांच को ठंडे बस्ते में डाल रहे है। जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे है।

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